Social Sharing Buttons
Share

शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर? (Difference Between Shivratri and Mahashivratri)

Difference Between Shivratri and Mahashivratri

Difference Between Shivratri and Mahashivratri: बहुत से लोग शिवरात्रि और महाशिवरात्रि को लेकर भ्रमित होते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर होता है (Shivratri or Mahashivratri Mein Antar Kya Hai), आइये आज जानते हैं।

Advertisement
Difference Between Shivratri and Mahashivratri in Hindi

हर साल, महाशिवरात्रि फरवरी और मार्च के महीनों के बीच आती है, और आमतौर पर यह माना जाता है,

कि इस रात भगवान शिव अपना तांडव नृत्य करते हैं।

फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शंकर ने वैराग्य त्यागकर माता पार्वती से विवाह किया था। इसलिए इस दिन को महाशिवरात्रि कहा जाता है।

महाशिवरात्रि के दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करने का महत्व है।

यह भी पढ़े: भोले बाबा की शादी का है त्योहार जी

शिवरात्रि और महाशिवरात्री में अंतर

हम महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं।

क्योकि शिवरात्रि हर महीने आती है और महाशिवरात्रि साल में सिर्फ एक बार आती है।

जो प्रत्येक चंद्र माह के चतुर्दशी (चौदहवें) दिन मनाई जाती है वह शिवरात्रि है; और वर्ष में 12 बार मनाई जाती है।

सभी 12 शिवरात्रियों में से, जो फरवरी और मार्च के बीच आती है वह महाशिवरात्रि है। ‘महा’ का अर्थ है सबसे महत्वपूर्ण।

महाशिवरात्रि हिंदू कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है।

Advertisement

भजन:

यह भी पढ़े: किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर

यह भी पढ़े: चले भोले बाबा, लिए संग बाराती

यह भी पढ़े: सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में

यह भी पढ़े: आसमान से फूलों की बरसात हो गई

यह भी पढ़े: लागी मेरी तेरे संग लगी ओ मेरे शंकरा

Advertisement
आदित्य हृदय स्तोत्र: शत्रु नाश और विजय प्राप्ति का महामंत्र
Scroll to Top