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सज धज कर बैठी माँ, और मंद मंद मुस्काये भजन लिरिक्स

Saj dhaj kar baithi Maa Lyrics

हमारे दर्शकों का स्वागत है। यहाँ प्रस्तुत है “सज धज कर बैठी माँ” “Saj dhaj kar baithi Maa Lyrics” गीत के बोल, जो माँ की भक्ति और उनकी सुंदरता का स्मरण कराता हैं।

Saj dhaj kar baithi Maa Lyrics

इस गीत में माँ की मनमोहक छवि और उनके दिव्य गुणों को वर्णित किया गया है। गीत के माध्यम से भक्तों को माँ के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और समर्पण प्रकट करने का अवसर मिलता है।

आइए, इस गीत के साथ माँ की अर्चना करें।

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सज धज कर बैठी माँ, 
और मंद मंद मुस्काये।
आओ नज़र उतारें मैया की, 
कही माँ को नज़र ना लग जाए॥

कोई काजल डिब्बी ले आओ,
 मैया को टीका लगा जाओ।
मेरी भोली भाली मैया को,
भक्तों की नज़र ना लग जाए॥

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जब मैया चलती पग रख कर,
 पाऊँ के घुंघरू बोल रहे।
इस प्यारी प्यारी पायल को,
कहीं कंजकों की नज़र ना लग जाए॥

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मेरी माँ का मुखड़ा भोला है,
 चुनरी में चंदा लिप्टा है ।
इस सुंदर प्यारे मुखड़े को,
कहीं चंदा की नज़र ना लग जाए॥

मेरी माँ की लीला न्यारी है, 
तेरी सुन्दर शेर सवारी है।
इस जग की पालनहारी को,
कहीं खुद की नज़र ना लग जाए॥

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