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राजा बलि के दरबार मची रे होली – धमाल (Raja Bali Ke Darbar Machi Re Holi Lyrics)

Raja Bali Ke Darbar Machi Re Holi Dhamal Lyrics

Title: राजा बलि के दरबार (Raja Bali Ke Darbar Machi Re Holi Lyrics in Hindi) मची रे होली॥

राजा बलि के दरबार (Raja Bali Ke Darbar Machi Re Holi Dhamal Lyrics in Hindi) मची रे होली॥

राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के,

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मची रे होली रे,
मची रे होली,
राजा बलि के दरबार,


के मण लाल गुलाल उड़त है,
के मण लाल गुलाल उड़त है,
के मण केसर कस्तूरी रे,
राजा बलि के,

राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के,


नो मण लाल गुलाल उड़त है,
नो मण लाल गुलाल उड़त है,
दस मण केसर कस्तूरी रे,
राजा बलि के,

राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के,

Raja Bali Ke Darbar Machi Re Holi


कुणा जी रे हाथा माहि रंग को कटोरों,
कुणा जी रे हाथा माहि रंग को कटोरों,
कुणा जी रे हाथा माहि पिचकारी रे,
राजा बलि के,

राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के,


राधा जी के हाथा माहि रंग को कटोरों,
राधा जी रे हाथा माहि रंग को कटोरों,
कानुड़ रे के हाथा माहि पिचकारी रे,
राजा बलि के,

राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के,


मची रे होली रे,
मची रे होली,
राजा बलि के दरबार,

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राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,
राजा बलि के दरबार,
मची रे होली,

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