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मेरे उठे विरह की पीर सखी – भजन (Mere Uthe Virah Ki Peer Lyrics)

Bhajan Title: Mere Uthe Virah Ki Peer Sakhi Vrindavan Jaungi Lyrics by Baba Chitra Vichitra Ji Maharaj.

Mere Uthe Virah Ki Peer Lyrics

Mere Uthe Virah Ki Peer Lyrics

वृन्दावन जाऊँगी सखी
वृन्दावन जाऊँगी हाए…
वृन्दावन जाऊँगी सखी
वृन्दावन जाऊँगी,

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मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी
,



राधे राधे, राधे राधे राधे राधे
राधे राधे, राधे राधे राधे राधे

सखी ने पूछा,
अरे तू वृन्दावन तो जाना चाहती है,
लेकिन ये तो बता,
कितने दिन जाना चाहती है,
कब लौट के आएगी,
तो सखि जवाब देती है क्या?

वृन्दावन जाऊँगी
नहीं फिर लौट के आउंगी,
बाजे मुरली यमुना तीर
सखी वृन्दावन जाउंगी,

मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी
,



छोड़ दिया मैंने भोजन पानी
श्याम की याद में,
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी
श्याम की याद में,
मेरे नैनन, मेरे नैनन
मेरे नैनन भरगए नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी॥

मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,

वृन्दावन जाऊँगी सखी
वृन्दावन जाऊँगी,
ओ बाजे मुरली यमुना तीर
सखी वृन्दावन जाउंगी,



इस दुनिया के रिश्ते नाते
सब ही छोड़ दिए,
इस दुनिया के रिश्ते नाते
सब ही छोड़ दिए,
तुझे कैसे, तुझे कैसे
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी॥

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मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,

ऐसे वृन्दावन जाओगे क्या?
दोनों हाथ उठाके॥

राधे राधे, राधे राधे राधे राधे
राधे राधे, राधे राधे राधे राधे


Mere Uthe Virah Ki Peer Sakhi Vrindavan Jaungi


नैन लड़े गिरधर से मै तो
पागल कर डाली,
नैन लड़े गिरधर से मै तो
पागल कर डाली,
दुनिया से, दुनिया से
दुनिया से भयो अखिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी॥

मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी
,



वृन्दावन जाऊँगी सखी
वृन्दावन जाऊँगी,
वृन्दावन जाऊँगी सखी
वृन्दावन जाऊँगी,
बाजे मुरली, बाजे मुरली
बाजे मुरली यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी॥

मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर सखी
वृन्दावन जाउंगी
,

जय जय श्री राधे!!


॥इति Mere Uthe Virah Ki Peer Bhajan Lyrics सम्पूर्ण॥

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