
विषय सूची (Table of Contents)
- पहला दिन (प्रतिपदा) – माँ शैलपुत्री
- दूसरा दिन (द्वितीया) – माँ ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन (तृतीया) – माँ चंद्रघंटा
- चौथा दिन (चतुर्थी) – माँ कुष्मांडा
- पांचवां दिन (पंचमी) – माँ स्कंदमाता
- छठा दिन (षष्ठी) – माँ कात्यायनी
- सातवां दिन (सप्तमी) – माँ कालरात्रि
- आठवां दिन (अष्टमी) – माँ महागौरी
- नौवां दिन (नवमी) – माँ सिद्धिदात्री
सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा की असीम कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे बड़ा अवसर होता है। 9 दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में भक्त माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की पूजा करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, माता रानी की पूजा में ‘भोग’ (प्रसाद) का बहुत महत्व है। यदि देवी माँ को उनके स्वरूप और दिन के अनुसार उनका सबसे प्रिय भोग अर्पित किया जाए, तो वे अति प्रसन्न होती हैं और भक्त की हर मनोकामना तुरंत पूरी करती हैं।
अगर आप भी इस चैत्र नवरात्रि पर माता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो यहाँ दी गई प्रामाणिक Chaitra Navratri Bhog List 2026 का पालन अवश्य करें। आइए जानते हैं नवरात्रि के 9 दिनों में माता दुर्गा को कौन सा भोग लगाना चाहिए:
Chaitra Navratri Bhog List 2026 (दिन के अनुसार भोग)
पहला दिन (प्रतिपदा) – माँ शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री की पूजा होती है।
- क्या भोग लगाएं: माता शैलपुत्री को गाय के शुद्ध घी (Cow’s Ghee) का भोग लगाना चाहिए।
- लाभ: शास्त्रों के अनुसार, पहले दिन गाय का घी अर्पित करने से आरोग्य (Health) का आशीर्वाद मिलता है और शरीर निरोगी रहता है।
दूसरा दिन (द्वितीया) – माँ ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जो तप और त्याग की देवी हैं।
- क्या भोग लगाएं: इस दिन देवी माँ को शक्कर, चीनी या मिश्री का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- लाभ: शक्कर का भोग लगाने से घर के सदस्यों को लंबी आयु का वरदान मिलता है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
तीसरा दिन (तृतीया) – माँ चंद्रघंटा
तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की आराधना होती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र होता है।
- क्या भोग लगाएं: माता चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी मिठाई (जैसे खीर या पेड़ा) का भोग अति प्रिय है।
- लाभ: दूध का भोग लगाकर उसे ब्राह्मणों या कन्याओं में बांटने से जीवन के सभी दुखों और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
चौथा दिन (चतुर्थी) – माँ कुष्मांडा
ब्रह्मांड की रचना करने वाली माँ कुष्मांडा की पूजा चौथे दिन की जाती है।
- क्या भोग लगाएं: इस दिन माता को मालपुआ (Malpua) का नैवेद्य (भोग) अर्पण करना चाहिए।
- लाभ: मालपुए का भोग लगाने से बुद्धि (Intellect) का विकास होता है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
पांचवां दिन (पंचमी) – माँ स्कंदमाता
भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।
- क्या भोग लगाएं: नवरात्रि के पांचवें दिन माता को केले (Banana) का भोग लगाना चाहिए।
- लाभ: केले का भोग लगाने से पारिवारिक शांति मिलती है और परिवार में चल रहे क्लेश खत्म होते हैं।
छठा दिन (षष्ठी) – माँ कात्यायनी
महिषासुर का वध करने वाली माँ कात्यायनी की पूजा छठे दिन होती है।
- क्या भोग लगाएं: माता कात्यायनी को शहद (Honey) का भोग सबसे अधिक प्रिय है।
- लाभ: शहद का भोग अर्पित करने से आकर्षण शक्ति बढ़ती है और साधक को सुंदर रूप का वरदान प्राप्त होता है।
सातवां दिन (सप्तमी) – माँ कालरात्रि
यह माता का सबसे उग्र और शक्तिशाली स्वरूप है, जो दुष्टों का विनाश करता है।
- क्या भोग लगाएं: सातवें दिन माँ कालरात्रि को गुड़ (Jaggery) का भोग लगाना चाहिए।
- लाभ: गुड़ का भोग लगाने से अचानक आने वाले संकटों से रक्षा होती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) नष्ट हो जाती है।
आठवां दिन (अष्टमी) – माँ महागौरी
अष्टमी के दिन माता महागौरी की पूजा होती है, जो अत्यंत शांत और ममतामयी हैं।
- क्या भोग लगाएं: इस दिन माता रानी को नारियल (Coconut) का भोग लगाया जाता है।
- लाभ: नारियल का भोग लगाने से संतान संबंधी सभी परेशानियां दूर होती हैं और सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है।
नौवां दिन (नवमी) – माँ सिद्धिदात्री
नवरात्रि का अंतिम दिन माँ सिद्धिदात्री का होता है, जो सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करती हैं।
- क्या भोग लगाएं: नवमी के दिन माता को तिल (Sesame) या हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाया जाता है।
- लाभ: यह भोग लगाने से अनहोनी घटनाओं से बचाव होता है और जीवन में पूर्ण सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष: नवरात्रि के इन 9 दिनों में माता की पूजा पूरी पवित्रता और श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। आप इस Chaitra Navratri Bhog List 2026 के अनुसार प्रतिदिन माता को उनका प्रिय भोग अर्पण करें और फिर उसी प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटें। माता रानी आपकी हर मनोकामना अवश्य पूरी करेंगी!
|| जय माता दी ||
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