Social Sharing Buttons
Share

पगल्या री पायलडी भाजे हाथां रो चुड़लो भजन लिरिक्स

भजन शीर्षक: पगल्या री पायलडी भाजे हाथां रो चुड़लो लिरिक्स हिंदी मे

पगल्या री पायलडी भाजे

पगल्या री पायलडी भीजे,
हाथां रो चुड़लो
कन्हिया यमुना में डर लागे रे,
भर लयादे घड़लो॥


पगल्या री पायलडी भाजे

आज तो मैं आई कान्हा,
सखियां के भेले
ओह तड़के आजयी रे सांवरिया
 खाटू के मेले॥

Advertisement

पगल्या री पायलडी भीजे,
हाथां रो चुड़लो
कन्हिया यमुना में डर लागे रे,
भर लयादे घड़लो॥

Also Read this: मेरी विनती यही है राधा रानी


सासु जी ने सुणे कोनी,
ननदुली भोली
ओह तड़के आजयी रे सांवरिया,
म्हारी सामळी पोली॥

पगल्या री पायलडी भीजे,
हाथां रो चुड़लो
कन्हिया यमुना में डर लागे रे,
भर लयादे घड़लो॥

Advertisement

दयोराणी जिठाणी म्हारी,
पिवरिये गई
ओह तड़के आजयी रे सांवरिया
तन्ने घलूंगी दही॥

पगल्या री पायलडी भीजे,
हाथां रो चुड़लो
कन्हिया यमुना में डर लागे रे,
भर लयादे घड़लो॥


घड़लो भर दे सिर पर धर दे,
होवे ह उवार
कन्हैया डगमग डोले नैया ,
करदे भव सागर से पार॥

पगल्या री पायलडी भीजे,
हाथां रो चुड़लो
कन्हिया यमुना में डर लागे रे,
भर लयादे घड़लो॥

Advertisement

Also Read this: पकड़ लो हाथ बनवारी

Advertisement
आदित्य हृदय स्तोत्र: शत्रु नाश और विजय प्राप्ति का महामंत्र
Scroll to Top